बिहार में अजीबोगरीब आवासीय प्रमाणपत्र

बिहार में कुछ न कुछ अजीबो गरीब चीजें होती रहती है जिसके कारण बिहार सुर्खियों में आ जाता है। अभी ताजा मामला आवासीय प्रमाण पत्र बनाने का है। जिसमे की ट्रैक्टर का आवासीय प्रमाण पत्र बना दिया गया घटना कुछ इस प्रकार है।
मुंगेर में बना ट्रैक्टर का आवासीय प्रमाण पत्र
मुंगेर में सदर प्रखंड के राजस्व अधिकारियों ने एक ट्रैक्टर को आवासीय प्रमाण पत्र जारी कर दिया जिससे प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई। इसमें सोनालिका चौधरी के नाम से आवासीय प्रमाण पत्र जारी किया गया जिसमें पिता का नाम बेगूसराय चौधरी (बेगुसराय जिला) और माता का नाम बलिया चौधरी (उत्तर प्रदेश)बताया गया है हद तो यह हो गई है इसमें फोटो भी ट्रैक्टर का दिया गया । साथ ही साथ इसमें जो पता दिया गया है वह है ट्रैक्टर पुर दियारा, डाकघर कोतुलपुर, वार्ड संख्या 17 तथा आवेदक का उद्देश्य खेती बाड़ी बताया गया है।
बिना जांच परख के ही जारी किया जा रहा है निवास प्रमाण पत्र
आपको बता डी की निवास प्रमाण पत्र ऑनलाइन प्रक्रिया से होता है और इसकी जांच करने की बात ही इसको जारी किया जाता है लेकिन जिस प्रकार से इसको जारी किया गया है उसको देखकर नहीं लगता है की जांच परख किया गया है आश्चर्य की बात तो यह है की राजस्व पदाधिकारी के हस्ताक्षर भी इस पर है।
अब जग हसाई के बाद डाटा एंट्री से जवाब मांगा जा रहा है




