बेगुसराय के वरिष्ठ रंगकर्मी रविरंजन को रंगकर्म में योगदान के लिए सम्मान

बेगुसराय और भागलपुर जिले में साहित्य और रंगकर्म के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ रंगकर्मी,लेखक और पत्रकार रविरंजन को बेगुसराय जिला साहित्य अकादमी की ओर से सम्मानित किया गया।
जन्म बिहपुर में पैतृक जिला बेगूसराय
रविरंजन का जीवन पत्रकारिता, रंगकर्म, और साहित्य से जुड़ा रहा है। उन्होंने अपने लेखन और रंगकर्म के माध्यम से समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता फैलाने का काम किया है। उनकी पुस्तक भूरी आंखों के नाम ख़त पाठकों के बीच गहरी छाप छोड़ी है। इसके अलावा नाटक सूली उपर शेज पिया में उनके अभिनय और निर्देशन को भी रंगकर्मी समुदाय में सराहा गया है ।
स्थानीय और राज्यस्तरीय मंचैपर उनके नाटकों का प्रदर्शन हुआ है । उल्लेखनीय है कि खगड़िया गोली कांड पर आधारित नुक्कड़ नाटक के दौरान पुलिस ने रविरंजन पर लाठीयां चलाने की भी कोशिश की थी ,लेने उन्होंने हिम्मत और साहस के साथ अपने विचारों और कला के माध्यम से लोगों तक संदेश पहुंचाया। उनके अभिनय की यात्रा में तमाशा नाटक में उनके अभिनय को आज याद किया जाता है और वह युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है।
रविरंजन आज भी मुझ कलाकारों के लिए प्रेरणा स्रोत है
साहित्यिक क्षेत्र में भी रविरंजन ने कयी अखबार और पत्रिकाओं में लेख लिखकर समाज, राजनीति और संजय पर अपनै दृष्टि साझा की । उनके आलेखों में सामाजिक यथार्थ और मानवू संवेदनाओं का असर साफ देखें जा सकता है।युवा लेखकों और रंगकर्मीयो के रूप यह अनुभव अत्यंत मूल्यवान साबित हुआ है।
। सम्मान समारोह में उपस्थित साहित्यकारों और रंगकर्मीयो ने रविरंजन की उपलब्धियों की सराहना की और उनके कार्यों को आने वाले पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन बताया। रविरंजन ने बताया कि कला और साहित्य समाज को जोड़ने और चेतना जागृत करने का सबसे प्रभावशाली माध्यम है।
बिहपुर रेलवे स्टेशन में लंबे समय तक कार्यरत रहे हैं
बेगुसराय में यह सम्मान समारोह कला और साहित्य क्षेत्र में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में देखा गया। रविरंजन की उपलब्धियां न केवल जिले के लिए बल्कि पूरे बिहार के साहित्य और रंगकर्म समुदाय के लिए गर्व का विषय है। उनके योगदान ने न केवल थिएटर और साहित्य को समृद्ध किया है, बल्कि समाज में संवेदनशील और जागरूक नागरिको को भी प्रेरित किया है। ज्ञात हो कि रविरंजन भागलपुर जिले के थाना बिहपुर रेलवे स्टेशन में लंबे समय तक कार्यरत रहे थे।उनका जन्मस्थल भी थाना बिहपुर ही है। सेवानिवृत्त होने के बाद वे अपने पैतृक जिला बेगूसराय में रह रहे हैं।



