बिहपुर का विधायक कौन

बिहार विधानसभा का चुनाव खत्म हो गया । 14 तारीख को मतगणना होना है लेकिन मतदाता के मन में अभी भी शक की गुंजाइश है बिहपुर विधायक कौन बनेगा । कार्यकर्ता और नेता गुणा भाग कर जीत का अनुमान लगा रहे हैं ।
भाजपा जीत को लेकर आश्वस्त हैं
इस बार बिहपुर विधानसभा चुनाव शुरू से ही काफी दिलचस्प रहा है । खासकर जनसुराज ने शुरुआत में मुकाबला त्रिकोणीय बना कर रोमांच पैदा कर दिया था। लेकिन ज्यों ज्यों मतदान नजदीक आता गया तस्वीरें साफ होती गयी । हालांकि मतदान के दिन मुकाबला बिल्कुल साफ हो गया कि लड़ाई महागठबंधन और एनडीए में ही होने जा रहा है । हलांकि मतदान का औसत बढ़ने, महिलाओं का मतदान के प्रति बढ़ते रुझान से भाजपा के नेता में जोश भरने का कार्य किया और खासकर जो रुठे हुए थे भाजपा से उन सभी को अंतिम में मना लिया गया जिसके कारण भाजपा नेता और कार्यकर्ता जीत को लेकर आश्वस्त हैं।
राजद में संशय की स्थिति
सबसे दिलचस्प राजद का रहा । पहले राजद के नेता और कार्यकर्ता राजद नेता अवनीश कुमार को लेकर आश्वस्त थे कि टिकट अवनीश को मिलेगा लेकिन अंतिम क्षणों में यह सीट भीआईपी में जाने और टिकट अर्पणा को मिलने से कार्यकर्ता और नेता नाखुश हो गये । अगर राजद हारती है तो सबसे बड़ा कारण यही रहेगा । बाहरी प्रत्याशी का मुद्दा भी काफी जोर शोर से चला जिसका खामियाजा राजद को भुगतना पड़ सकता है । हलांकि राजद प्रत्याशी अर्पणा ने काफी प्रयास किया है अपने वोटर को एक करने का ये तो 14 को ही पता चल पाएगा।
जनसुराज नहीं कर पायी कोई कमाल
जनसुराज शुरुआत में काफी मजबूत नजर आ रही थी लेकिन टिकट मिलने के बाद तक भी स्थिति त्रिकोणीय मुकाबला बना कर रखी लेकिन अंत में जनसुराज कोई कमाल नहीं कर पायी या कहिए अपने वोटर को एकजुट नहीं रख सके । हलांकि पहली बार मैदान में उतरी जनसुराज कितना सफल होती है ये तो 14को ही पता चलेगा।
बाद बांकी जितने भी प्रत्याशी थे ज्यादा प्रभाव नहीं दिखा पाए। हलांकि कौन जीतेगा ये तो 14को ही मालूम होगा।




