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गोपालपुर विधानसभा में बूलो मंडल की दावेदारी मजबूत, जदयू विधायक की टिकट पर संशय

विधानसभा चुनाव का मौसम नजदीक आते ही गोपालपुर सीट पर राजनीतिक सरगम तेज हो गई है। इस बार एनडीए खेमे से पूर्व सांसद शैलेश कुमार उर्फ बूलो मंडल की दावेदारी को सबसे प्रबलमाना जा रहा है। वहीं वर्तमान विधायक का टिकट काटने की संभावना प्रबल दिख रही है।

लगातार चार बार से गोपाल मंडल विधायक हैं

गोपालपुर विधानसभा का राजनीतिक इतिहास दिलचस्प रहा है यह सीट कभी कांग्रेस कभी राजद और कभी जदयू के खाते में जाती रही है पिछली बार एनडीए के हिस्से में यह सीट जदयू को मिली थी और पार्टी के प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी। हालांकि बीते कुछ वर्षों में जनता और विधायक के बीच दूरी बढ़ी है जिससे पार्टी के अंदर ही उनकी स्थिति कमजोर हो गई है कार्यकर्ताओं का एक बड़ा वर्ग अब खुले तौर पर नए चेहरे की मांग कर रहा है।

बूलो मंडल की सक्रियता गोपालपुर में काफी ज्यादा है

बूलोमडल की सक्रियता ने उन्हें एनडीए का स्वाभाविक दावेदार बना दिया है। पूर्व सांसद रहते हुए उन्होंने क्षेत्र में कई विकास योजनाएं शुरू की थी जिनका असर आज भी लोगों को याद है। बीते महीना में उन्होंने पंचायत, गांव और कस्बा का लगातार दौरा कर जनता से सीधा संवाद साधा है। रोजगार शिक्षा स्वास्थ्य और किसी जैसे मुद्दों पर उनके वक्तव्य और पहल से युवाओं और किसानों के बीच उनकी लोकप्रियता बढ़ी है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि एनडीए बूलो मंडल को प्रत्याशी बनाती है तो उनका अनुभव और जनसंपर्क विपक्ष के लिए बड़ी चुनौती साबित होगा। उनका फायदा यह भी है कि वे जाति समीकरणों को साधने में माहिर माने जाते हैं। ग्रामीण इलाकों में उनका गहरा जनाधार है, जबकि शहरी मतदाताओं के बीच भी उनकी छवि सकारात्मक है।

गोपाल मंडल के बार बार विवादित बयानों ने कमजोर बना दिया

दूसरी ओर जदयू विधायक की स्थिति कमजोर होने से उनके समर्थकों में निराशा का माहौल है। गोपाल मंडल के बार-बार विवादित बयानों ने उन्हें बहुत कमजोर बना दिया है। पार्टी नेतृत्व भी उनके कामकाज से संतुष्ट नहीं माना जा रहा है। यही वजह है कि इस बार एनडीए गोपालपुर सीट से बूलो मंडल को उतारने की तैयारी कर रही है।

महागठबंधन की और से अभी तक किसी नाम का एलान नहीं हुआ है हालांकि कांग्रेस और राजद इस सीट पर दावेदारी जताते रहे हैं। लेकिन बूलो मंडल की सक्रियता ने विपक्ष की रणनीति को और कठिन बना दिया है

कुल मिलाकर इस बार गोपालपुर विधानसभा का चुनाव दिलचस्प होनेवाला है । एनडीए में बूलो मंडल की दावेदारी जितनी मजबूत नजर आ रही है उतनी ही मौजूद विधायक की स्थिति कमजोर। अब निगाहें टिकट बंटवारे पर है जिससे तय होगा की मैदान में किसके बीच सीधा मुकाबला होगा।

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